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ramayan 1.77.19-20h: शत्रुघ्न और भरत को साथ लेकर वीर युधाजित् ने हर्षपूर्वक अपने नगर में प्रवेश किया, जिससे उसके पिता को बड़ी प्रसन्नता हुई।   |   ramayan सर्ग 1.77: राजा दशरथ का पुत्रों और वधुओं के साथ अयोध्या में प्रवेश, सीता और श्रीराम का पारस्परिक प्रेम   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.77.19-20h 
युधाजित् प्राप्य भरतं सशत्रुघ्नं प्रहर्षित:॥ १९॥
स्वपुरं प्राविशद् वीर: पिता तस्य तुतोष ह।
 
 
अनुवाद
शत्रुघ्न और भरत को साथ लेकर वीर युधाजित् ने हर्षपूर्वक अपने नगर में प्रवेश किया, जिससे उसके पिता को बड़ी प्रसन्नता हुई।
 
Taking along with Shatrughna and Bharata, the valiant Yudhajit entered his city joyfully, which brought great satisfaction to his father.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)