Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.77.14-16h: चारों भाई श्री राम आदि श्रेष्ठ पुरुषोत्तम होकर शस्त्रविद्या में निपुण हो गए और विवाह करके धन और मित्रों के साथ रहते हुए पिता की सेवा करने लगे। कुछ समय के बाद रघुकुलनन्दन राजा दशरथ ने अपने पुत्र कैकेयी कुमार भरत से कहा-॥14-15 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.77: राजा दशरथ का पुत्रों और वधुओं के साथ अयोध्या में प्रवेश, सीता और श्रीराम का पारस्परिक प्रेम । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चारों भाई श्री राम आदि श्रेष्ठ पुरुषोत्तम होकर शस्त्रविद्या में निपुण हो गए और विवाह करके धन और मित्रों के साथ रहते हुए पिता की सेवा करने लगे। कुछ समय के बाद रघुकुलनन्दन राजा दशरथ ने अपने पुत्र कैकेयी कुमार भरत से कहा-॥14-15 1/2॥
The four brothers, the best men like Shri Ram, became proficient in weapons and got married and started serving their father while living with money and friends. After some time, Raghukulnandan King Dasharatha said to his son Kaikeyi Kumar Bharat -॥ 14-15 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥