Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.75.11: उन्होंने कहा- 'रघुनन्दन! ये दोनों धनुष श्रेष्ठ एवं दिव्य थे। सारा संसार इन्हें आदर की दृष्टि से देखता था। इन्हें स्वयं विश्वकर्मा ने बनाया था। ये अत्यन्त सुदृढ़ एवं बलवान थे।॥11॥ | ramayan सर्ग 1.75: राजा दशरथ की बात अनसुनी करके परशुराम का श्रीराम को वैष्णव-धनुष पर बाण चढ़ाने के लिये ललकारना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने कहा- 'रघुनन्दन! ये दोनों धनुष श्रेष्ठ एवं दिव्य थे। सारा संसार इन्हें आदर की दृष्टि से देखता था। इन्हें स्वयं विश्वकर्मा ने बनाया था। ये अत्यन्त सुदृढ़ एवं बलवान थे।॥11॥
He said- 'Raghunandan! These two bows were the best and divine. The whole world looked at them with respect. Vishwakarma himself had made them. They were very strong and strong. ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥