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ramayan 1.74.23: ऐसा कहकर ऋषियों ने भयंकर रूप वाले परशुरामपुत्र भृगु की स्तुति की और उनसे मधुर वाणी में कहा, 'राम! राम!'   |   ramayan सर्ग 1.74: राजा जनक का कन्याओं को भारी दहेज देकर राजा दशरथ आदि को विदा करना, मार्ग में शुभाशुभ शकुन और परशुरामजी का आगमन   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 74: राजा जनक का कन्याओं को भारी दहेज देकर राजा दशरथ आदि को विदा करना, मार्ग में शुभाशुभ शकुन और परशुरामजी का आगमन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.74.23 
एवमुक्त्वार्घ्यमादाय भार्गवं भीमदर्शनम्।
ऋषयो राम रामेति मधुरं वाक्यमब्रुवन्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर ऋषियों ने भयंकर रूप वाले परशुरामपुत्र भृगु की स्तुति की और उनसे मधुर वाणी में कहा, 'राम! राम!'
 
Saying this, the sages offered prayers to the fearsome looking Bhrigu son of Parashurama and spoke to him in sweet words, saying, 'Rama! Rama!'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)