श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 71: राजा जनक का अपने कल का परिचय देते हुए श्रीराम और लक्ष्मण के लिये क्रमशः सीता और ऊर्मिला को देने की प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.71.17 
स च मे प्रेषयामास शैवं धनुरनुत्तमम्।
सीता च कन्या पद्माक्षी मह्यं वै दीयतामिति॥ १७॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने मेरे पास दूत भेजकर कहा कि, "भगवान शिव का उत्तम धनुष और अपनी कमलनेत्र पुत्री सीता मुझे सौंप दो।"॥17॥
 
‘He sent a messenger to me saying, “Hand over to me the finest bow of Lord Shiva and your lotus-eyed daughter, Sita.”॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)