Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.70.9-10h: वहाँ उन्होंने धर्मप्रेमी महान जनक के दर्शन किए। फिर शतानंद और परम धार्मिक जनक को प्रणाम करके वे राजा के योग्य परम दिव्य सिंहासन पर विराजमान हुए। | ramayan सर्ग 1.70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ उन्होंने धर्मप्रेमी महान जनक के दर्शन किए। फिर शतानंद और परम धार्मिक जनक को प्रणाम करके वे राजा के योग्य परम दिव्य सिंहासन पर विराजमान हुए।
There he saw the great Janak who loved religion. Then after paying his respects to Shatanand and the extremely religious Janak, he sat on the most divine throne fit for a king.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥