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ramayan 1.70.39: भगीरथ से ककुत्स्थ और ककुत्स्थ से रघु उत्पन्न हुए। रघु का तेजस्वी पुत्र बड़ा हुआ, जो शाप के कारण राक्षस हो गया था। 39॥   |   ramayan सर्ग 1.70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  1.70.39 
भगीरथात् ककुत्स्थश्च ककुत्स्थाच्च रघुस्तथा।
रघोस्तु पुत्रस्तेजस्वी प्रवृद्ध: पुरुषादक:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
भगीरथ से ककुत्स्थ और ककुत्स्थ से रघु उत्पन्न हुए। रघु का तेजस्वी पुत्र बड़ा हुआ, जो शाप के कारण राक्षस हो गया था। 39॥
 
‘From Bhagiratha was born Kakutstha and from Kakutstha Raghu was born. Raghu's brilliant son grew up, who had become a demon due to the curse. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)