Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.70.38: सगर के पुत्र असमंज और असमंज के पुत्र अंशुमान थे। अंशुमान के पुत्र का नाम दिलीप और दिलीप के पुत्र का नाम भगीरथ था।   |   ramayan सर्ग 1.70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  1.70.38 
सगरस्यासमञ्जस्तु असमञ्जादथांशुमान्।
दिलीपोंऽशुमत: पुत्रो दिलीपस्य भगीरथ:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
सगर के पुत्र असमंज और असमंज के पुत्र अंशुमान थे। अंशुमान के पुत्र का नाम दिलीप और दिलीप के पुत्र का नाम भगीरथ था।
 
Sagar's son was Asamanja and Asamanja's son was Anshuman. Anshuman's son was Dilip and Dilip's son was Bhagiratha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)