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ramayan 1.70.29: युद्ध में इन तीनों शत्रुओं का सामना करने के बाद, राजा असित एक यात्री बन गए। वे अपनी दोनों रानियों के साथ हिमालय में आकर रहने लगे।   |   ramayan सर्ग 1.70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  1.70.29 
तांश्च स प्रतियुध्यन् वै युद्धे राजा प्रवासित:।
हिमवन्तमुपागम्य भार्याभ्यां सहितस्तदा॥ २९॥
 
 
अनुवाद
युद्ध में इन तीनों शत्रुओं का सामना करने के बाद, राजा असित एक यात्री बन गए। वे अपनी दोनों रानियों के साथ हिमालय में आकर रहने लगे।
 
‘Faced with these three enemies in the war, King Asita became a traveller. He came and started living in the Himalayas with his two queens.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)