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ramayan 1.70.26: मांधाता के यहां सुसन्धि नामक तेजस्वी पुत्र उत्पन्न हुआ। सुसन्धि के भी दो पुत्र थे- ध्रुवसन्धि और प्रसेनजित। 26॥   |   ramayan सर्ग 1.70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.70.26 
मान्धातुस्तु सुत: श्रीमान् सुसन्धिरुदपद्यत।
सुसन्धेरपि पुत्रौ द्वौ ध्रुवसन्धि: प्रसेनजित्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
मांधाता के यहां सुसन्धि नामक तेजस्वी पुत्र उत्पन्न हुआ। सुसन्धि के भी दो पुत्र थे- ध्रुवसन्धि और प्रसेनजित। 26॥
 
'A radiant son named Susandhi was born to Mandhata. Susandhi also had two sons – Dhruvasandhi and Prasenjit. 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)