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ramayan 1.70.23: विकुक्षि के पुत्र अत्यंत तेजस्वी और प्रतापी बाण थे। बाण के पुत्र का नाम अनरण्य था। वे भी अत्यंत तेजस्वी और प्रतापी थे॥ 23॥   |   ramayan सर्ग 1.70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 70: राजा जनक का अपने भाई कुशध्वज को सांकाश्या नगरी से बुलवाना,वसिष्ठजी का श्रीराम और लक्ष्मण के लिये सीता तथा ऊर्मिला को वरण करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.70.23 
विकुक्षेस्तु महातेजा बाण: पुत्र: प्रतापवान्।
बाणस्य तु महातेजा अनरण्य: प्रतापवान्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
विकुक्षि के पुत्र अत्यंत तेजस्वी और प्रतापी बाण थे। बाण के पुत्र का नाम अनरण्य था। वे भी अत्यंत तेजस्वी और प्रतापी थे॥ 23॥
 
‘Vikukshi's son was the very brilliant and majestic Bāna. Bāna's son's name was Anaranya. He too was very brilliant and majestic.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)