श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 7: राजमन्त्रियों के गुण और नीति का वर्णन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.7.12 
वीराश्च नियतोत्साहा राजशास्त्रमनुष्ठिता:।
शुचीनां रक्षितारश्च नित्यं विषयवासिनाम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वे सभी लोग सदा साहस और उत्साह से भरे रहते थे। वे नीति के अनुसार कार्य करते थे और अपने राज्य में रहने वाले सज्जनों की सदैव रक्षा करते थे॥12॥
 
All of them were always full of courage and enthusiasm. They used to work according to politics and always protected the good people living in their kingdom.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)