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ramayan 1.68.8: 'हे मनुष्यों के स्वामी! मेरी इस पुत्री को आपके पुत्र श्री राम ने अपने पराक्रम से जीत लिया है, जो विश्वामित्र के साथ विचरण करते हुए अचानक यहाँ आ पहुँचे थे।   |   ramayan सर्ग 1.68: राजा जनक का संदेश पाकर मन्त्रियों सहित महाराज दशरथ का मिथिला जाने के लिये उद्यत होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 68: राजा जनक का संदेश पाकर मन्त्रियों सहित महाराज दशरथ का मिथिला जाने के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.68.8 
सेयं मम सुता राजन् विश्वामित्रपुरस्कृतै:।
यदृच्छयागतै राजन् निर्जिता तव पुत्रकै:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'हे मनुष्यों के स्वामी! मेरी इस पुत्री को आपके पुत्र श्री राम ने अपने पराक्रम से जीत लिया है, जो विश्वामित्र के साथ विचरण करते हुए अचानक यहाँ आ पहुँचे थे।
 
'O Lord of men! This daughter of mine has been won by your son Shri Ram with his valour, who had suddenly come here while wandering with Vishwamitra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)