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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 68: राजा जनक का संदेश पाकर मन्त्रियों सहित महाराज दशरथ का मिथिला जाने के लिये उद्यत होना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.68.7 
पूर्वं प्रतिज्ञा विदिता वीर्यशुल्का ममात्मजा।
राजानश्च कृतामर्षा निर्वीर्या विमुखीकृता:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
'हे राजन! आपको मेरी पूर्व प्रतिज्ञा अवश्य ज्ञात होगी। मैंने अपनी पुत्री के विवाह के लिए वीरता का मूल्य निश्चित किया था।' यह सुनकर अनेक राजा क्षुब्ध होकर यहाँ आए; किन्तु वे वीरताहीन सिद्ध हुए और निराश होकर घर लौट गए।
 
‘O King! You must be aware of the promise I had made earlier. I had fixed the fee of valour for my daughter's marriage. Hearing about it, many kings came here filled with resentment; but they proved to be lacking in valour and returned home disappointed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)