Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.68.18: यह सुनकर महर्षियोंसहित सभी मन्त्रियों ने 'बहुत अच्छा' कहकर एक स्वर से चलने को तैयार हो गए। राजा ने प्रसन्न होकर मन्त्रियों से कहा, 'हमें कल प्रातःकाल ही यात्रा आरम्भ कर देनी चाहिए।'॥18॥ | ramayan सर्ग 1.68: राजा जनक का संदेश पाकर मन्त्रियों सहित महाराज दशरथ का मिथिला जाने के लिये उद्यत होना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मन्त्रिणो बाढमित्याहु: सह सर्वैर्महर्षिभि:।
सुप्रीतश्चाब्रवीद् राजा श्वो यात्रेति च मन्त्रिण:॥ १८॥
अनुवाद
यह सुनकर महर्षियोंसहित सभी मन्त्रियों ने 'बहुत अच्छा' कहकर एक स्वर से चलने को तैयार हो गए। राजा ने प्रसन्न होकर मन्त्रियों से कहा, 'हमें कल प्रातःकाल ही यात्रा आरम्भ कर देनी चाहिए।'॥18॥
On hearing this, all the ministers including the great sages said, 'Very good' and agreed to leave in one voice. The king was very happy and said to his ministers, 'We should start our journey tomorrow morning itself.'॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥