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ramayan 1.68.14: दूत मंत्रियों के मुख से ये वचन सुनकर राजा दशरथ बहुत प्रसन्न हुए और महर्षि वसिष्ठ, वामदेव तथा अन्य मंत्रियों से बोले -॥14॥   |   ramayan सर्ग 1.68: राजा जनक का संदेश पाकर मन्त्रियों सहित महाराज दशरथ का मिथिला जाने के लिये उद्यत होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.68.14 
दूतवाक्यं तु तच्छ्रुत्वा राजा परमहर्षित:।
वसिष्ठं वामदेवं च मन्त्रिणश्चैवमब्रवीत्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
दूत मंत्रियों के मुख से ये वचन सुनकर राजा दशरथ बहुत प्रसन्न हुए और महर्षि वसिष्ठ, वामदेव तथा अन्य मंत्रियों से बोले -॥14॥
 
King Dasharath was very pleased to hear these words from the messenger ministers. He said to Maharishi Vasishtha, Vaamdev and other ministers -॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)