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ramayan 1.68.13: हे राजन! इस प्रकार विदेहराज ने आपके पास यह मधुर संदेश भेजा था। इसके लिए उन्होंने विश्वामित्र की अनुमति और शतानन्द की सहमति प्राप्त की थी।॥13॥   |   ramayan सर्ग 1.68: राजा जनक का संदेश पाकर मन्त्रियों सहित महाराज दशरथ का मिथिला जाने के लिये उद्यत होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.68.13 
एवं विदेहाधिपतिर्मधुरं वाक्यमब्रवीत्।
विश्वामित्राभ्यनुज्ञात: शतानन्दमते स्थित:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! इस प्रकार विदेहराज ने आपके पास यह मधुर संदेश भेजा था। इसके लिए उन्होंने विश्वामित्र की अनुमति और शतानन्द की सहमति प्राप्त की थी।॥13॥
 
‘O King! This is how Videhraaj sent this sweet message to you. For this he had received the permission of Vishwamitra and the consent of Shatananda.'॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)