श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 67: श्रीराम के द्वारा धनुर्भंग तथा राजा जनक का विश्वामित्र की आज्ञा से राजा दशरथ को बुलाने के लिये मन्त्रियों को भेजना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.67.5 
तामादाय सुमञ्जूषामायसीं यत्र तद्धनु:।
सुरोपमं ते जनकमूचुर्नृपतिमन्त्रिण:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
उन मंत्रियों ने उस लोहे के बक्से को, जिसमें धनुष रखा था, लाकर देवतुल्य राजा जनक से कहा -
 
Bringing the iron box in which the bow was kept, those ministers said to the god-like King Janaka -
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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