श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 67: श्रीराम के द्वारा धनुर्भंग तथा राजा जनक का विश्वामित्र की आज्ञा से राजा दशरथ को बुलाने के लिये मन्त्रियों को भेजना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.67.4 
नृणां शतानि पञ्चाशद् व्यायतानां महात्मनाम्।
मञ्जूषामष्टचक्रां तां समूहुस्ते कथंचन॥ ४॥
 
 
अनुवाद
वह धनुष आठ पहियों वाले एक विशाल लोहे के बक्से में रखा हुआ था। पाँच हज़ार बलवान और स्वस्थ योद्धा किसी तरह उसे धकेलकर वहाँ ले आए।
 
That bow was kept in a huge iron box with eight wheels. Five thousand strong and healthy warriors somehow managed to push it and bring it there. 4.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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