Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.67.26: 'ये लोग राजा दशरथ से यह भी कहें कि उनके दोनों पुत्र श्री राम और लक्ष्मण विश्वामित्र की सहायता से सकुशल मिथिला पहुँच गए हैं। ये शीघ्रगामी सचिव प्रेम से परिपूर्ण राजा दशरथ को शीघ्र ही यहाँ बुलाएँ।'॥26॥   |   ramayan सर्ग 1.67: श्रीराम के द्वारा धनुर्भंग तथा राजा जनक का विश्वामित्र की आज्ञा से राजा दशरथ को बुलाने के लिये मन्त्रियों को भेजना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 67: श्रीराम के द्वारा धनुर्भंग तथा राजा जनक का विश्वामित्र की आज्ञा से राजा दशरथ को बुलाने के लिये मन्त्रियों को भेजना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.67.26 
मुनिगुप्तौ च काकुत्स्थौ कथयन्तु नृपाय वै।
प्रीतियुक्तं तु राजानमानयन्तु सुशीघ्रगा:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
'ये लोग राजा दशरथ से यह भी कहें कि उनके दोनों पुत्र श्री राम और लक्ष्मण विश्वामित्र की सहायता से सकुशल मिथिला पहुँच गए हैं। ये शीघ्रगामी सचिव प्रेम से परिपूर्ण राजा दशरथ को शीघ्र ही यहाँ बुलाएँ।'॥26॥
 
‘These people should also tell King Dasharath that both his sons Shri Ram and Lakshman have reached Mithila safely with the help of Vishwamitra. These swift secretaries should quickly call King Dasharath here, who is thus filled with love.'॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)