श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 67: श्रीराम के द्वारा धनुर्भंग तथा राजा जनक का विश्वामित्र की आज्ञा से राजा दशरथ को बुलाने के लिये मन्त्रियों को भेजना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.67.11 
तदेतद् धनुषां श्रेष्ठमानीतं मुनिपुंगव।
दर्शयैतन्महाभाग अनयो राजपुत्रयो:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'मुनिप्रवर! यह महान धनुष यहाँ लाया गया है। हे महामुनि! कृपया इसे इन दोनों राजकुमारों को दिखाइए।'
 
‘Munipravar! This great bow has been brought here. O great one! Please show it to these two princes.’
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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