Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.63.7: ‘आपका कल्याण हो। मैं काम-वासना से मोहित हो रहा हूँ। मुझ पर कृपा कीजिए।’ उनके ऐसा कहने पर सुन्दर कमर वाली मेनका वहाँ रहने लगी।   |   ramayan सर्ग 1.63: विश्वामित्र को ऋषि एवं महर्षिपद की प्राप्ति, मेनका द्वारा उनका तपोभंग तथा ब्रह्मर्षिपद की प्राप्ति के लिये उनकी घोर तपस्या   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 63: विश्वामित्र को ऋषि एवं महर्षिपद की प्राप्ति, मेनका द्वारा उनका तपोभंग तथा ब्रह्मर्षिपद की प्राप्ति के लिये उनकी घोर तपस्या  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.63.7 
अनुगृह्णीष्व भद्रं ते मदनेन विमोहितम्।
इत्युक्ता सा वरारोहा तत्र वासमथाकरोत्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
‘आपका कल्याण हो। मैं काम-वासना से मोहित हो रहा हूँ। मुझ पर कृपा कीजिए।’ उनके ऐसा कहने पर सुन्दर कमर वाली मेनका वहाँ रहने लगी।
 
'May you be blessed. I am being tempted by lust. Be kind to me.' After he said this, Menaka with beautiful waist started living there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)