Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.59.8-9h: ‘यदि मेरे संदेश के साथ आमंत्रित व्यक्ति या अन्य कोई भी व्यक्ति इस यज्ञ के विषय में कुछ भी अनादरपूर्ण कहे तो तुम सब लोग आकर मुझे सब कुछ पूरी तरह से बताओ।’ ॥8 1/2॥   |   ramayan सर्ग 1.59: विश्वामित्र का त्रिशंकु का यज्ञ कराने के लिये ऋषिमुनियों को आमन्त्रित करना और उनकी बात न मानने वाले महोदय तथा ऋषिपुत्रों को शाप देकर नष्ट करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 59: विश्वामित्र का त्रिशंकु का यज्ञ कराने के लिये ऋषिमुनियों को आमन्त्रित करना और उनकी बात न मानने वाले महोदय तथा ऋषिपुत्रों को शाप देकर नष्ट करना  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  1.59.8-9h 
यदन्यो वचनं ब्रूयान्मद्वाक्यबलचोदित:॥ ८॥
तत् सर्वमखिलेनोक्तं ममाख्येयमनादृतम्।
 
 
अनुवाद
‘यदि मेरे संदेश के साथ आमंत्रित व्यक्ति या अन्य कोई भी व्यक्ति इस यज्ञ के विषय में कुछ भी अनादरपूर्ण कहे तो तुम सब लोग आकर मुझे सब कुछ पूरी तरह से बताओ।’ ॥8 1/2॥
 
'If the one who has been invited with my message or anybody else says anything disrespectful about this yajna then you all should come and tell me everything in full.' ॥ 8 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)