Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.59.6: ऐसा कहकर महाबली विश्वामित्र ने अपने परम धर्मात्मा एवं ज्ञानी पुत्रों को यज्ञ की सामग्री एकत्रित करने का आदेश दिया।   |   ramayan सर्ग 1.59: विश्वामित्र का त्रिशंकु का यज्ञ कराने के लिये ऋषिमुनियों को आमन्त्रित करना और उनकी बात न मानने वाले महोदय तथा ऋषिपुत्रों को शाप देकर नष्ट करना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 59: विश्वामित्र का त्रिशंकु का यज्ञ कराने के लिये ऋषिमुनियों को आमन्त्रित करना और उनकी बात न मानने वाले महोदय तथा ऋषिपुत्रों को शाप देकर नष्ट करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.59.6 
एवमुक्त्वा महातेजा: पुत्रान् परमधार्मिकान्।
व्यादिदेश महाप्राज्ञान् यज्ञसम्भारकारणात्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर महाबली विश्वामित्र ने अपने परम धर्मात्मा एवं ज्ञानी पुत्रों को यज्ञ की सामग्री एकत्रित करने का आदेश दिया।
 
Having said this the mighty Visvamitra ordered his most religious and knowledgeable sons to gather the materials for the yajna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)