Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.59.11-12h: उन्होंने कहा, 'गुरुदेव! आपकी आज्ञा और संदेश सुनकर सभी देशों में रहने वाले प्रायः सभी ब्राह्मण आ रहे हैं। महादय नामक ऋषि और वसिष्ठ के पुत्रों को छोड़कर सभी महर्षि यहाँ आने के लिए प्रस्थान कर चुके हैं।' | ramayan सर्ग 1.59: विश्वामित्र का त्रिशंकु का यज्ञ कराने के लिये ऋषिमुनियों को आमन्त्रित करना और उनकी बात न मानने वाले महोदय तथा ऋषिपुत्रों को शाप देकर नष्ट करना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन्होंने कहा, 'गुरुदेव! आपकी आज्ञा और संदेश सुनकर सभी देशों में रहने वाले प्रायः सभी ब्राह्मण आ रहे हैं। महादय नामक ऋषि और वसिष्ठ के पुत्रों को छोड़कर सभी महर्षि यहाँ आने के लिए प्रस्थान कर चुके हैं।'
He said, 'Gurudev! On hearing your orders and message, almost all the Brahmins living in all the countries are coming. Except for a sage named Mahadaaya and the sons of Vasishtha, all the Maharishis have left to come here. 11 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥