Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.58.8-9: त्रिशंकु के ये गंभीर वचन सुनकर ऋषिपुत्रों ने अत्यन्त क्रोधित होकर उसे शाप दे दिया - ‘जा! तू चाण्डाल हो जायेगा।’ ऐसा कहकर वे महात्मा अपने-अपने आश्रमों में चले गये। | ramayan सर्ग 1.58: वसिष्ठ ऋषि के पुत्रों का त्रिशंकु को शाप-प्रदान, उनके शाप से चाण्डाल हुए त्रिशंकु का विश्वामित्रजी की शरण में जाना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्रिशंकु के ये गंभीर वचन सुनकर ऋषिपुत्रों ने अत्यन्त क्रोधित होकर उसे शाप दे दिया - ‘जा! तू चाण्डाल हो जायेगा।’ ऐसा कहकर वे महात्मा अपने-अपने आश्रमों में चले गये।
On hearing these grave words of Trisanku, the sage's sons became very angry and cursed him - 'Go! You will become a Chandala.' Saying this, the great souls entered their respective ashrams. 8-9.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥