Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.58.13-16h: श्री राम! विश्वामित्र ने देखा कि राजा का जीवन व्यर्थ हो गया है। उसे चाण्डाल रूप में देखकर उन महाप्रतापी ऋषि का हृदय करुणा से भर गया। करुणा से द्रवित होकर वे भयंकर रूप वाले राजा त्रिशंकु से इस प्रकार बोले - 'महाविल राजकुमार! तुम्हारा कल्याण हो, तुम यहाँ किस लिए आये हो? अयोध्या के वीर राजा! ऐसा प्रतीत होता है कि तुम्हें चाण्डाल होने का शाप मिला है।'॥13-15 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.58: वसिष्ठ ऋषि के पुत्रों का त्रिशंकु को शाप-प्रदान, उनके शाप से चाण्डाल हुए त्रिशंकु का विश्वामित्रजी की शरण में जाना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विश्वामित्रस्तु तं दृष्ट्वा राजानं विफलीकृतम्॥ १३॥
चण्डालरूपिणं राम मुनि: कारुण्यमागत:।
कारुण्यात् स महातेजा वाक्यं परमधार्मिक:॥ १४॥
इदं जगाद भद्रं ते राजानं घोरदर्शनम्।
किमागमनकार्यं ते राजपुत्र महाबल॥ १५॥
अयोध्याधिपते वीर शापाच्चण्डालतां गत:।
अनुवाद
श्री राम! विश्वामित्र ने देखा कि राजा का जीवन व्यर्थ हो गया है। उसे चाण्डाल रूप में देखकर उन महाप्रतापी ऋषि का हृदय करुणा से भर गया। करुणा से द्रवित होकर वे भयंकर रूप वाले राजा त्रिशंकु से इस प्रकार बोले - 'महाविल राजकुमार! तुम्हारा कल्याण हो, तुम यहाँ किस लिए आये हो? अयोध्या के वीर राजा! ऐसा प्रतीत होता है कि तुम्हें चाण्डाल होने का शाप मिला है।'॥13-15 1/2॥
Shri Ram! Vishwamitra saw that the king's life had become futile. Seeing him in the form of a Chandala, the heart of that great and illustrious sage was filled with compassion. Moved by compassion, he spoke to the fearsome looking King Trisanku in this manner - 'Mahavili Prince! May you be blessed, why have you come here? Brave King of Ayodhya! It seems that you have been cursed to become a Chandala.'॥ 13-15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥