ऐसा कहकर वह अत्यन्त क्रोधित हो गया और धूमरहित काली अग्नि के समान प्रज्वलित हो उठा। हाथ में यमराज के दण्ड के समान भयंकर दण्ड लेकर वह तुरन्त उनका सामना करने के लिए तैयार हो गया। ॥28॥
"Having said this, he became very angry and blazed up like a smokeless black fire. Taking up in his hand a staff as dreadful as the rod of Yama, he immediately got ready to face them." ॥28॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये बालकाण्डे पञ्चपञ्चाश: सर्ग:॥ ५५॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें पचपनवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ५५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥