Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.53.17-18h: 'मुनि! मैं तुम्हें चौदह हजार ऐसे हाथी देता हूँ, जिनकी रस्सियाँ, गले के आभूषण और अंकुश भी सोने के होंगे और वे हाथी उन सबसे सुशोभित होंगे॥17 1/2॥ | ramayan सर्ग 1.53: विश्वामित्र का वसिष्ठ से उनकी कामधेनु को माँगना और उनका देने से अस्वीकार करना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हैरण्यकक्षग्रैवेयान् सुवर्णाङ्कुशभूषितान्॥ १७॥
ददामि कुञ्जराणां ते सहस्राणि चतुर्दश।
अनुवाद
'मुनि! मैं तुम्हें चौदह हजार ऐसे हाथी देता हूँ, जिनकी रस्सियाँ, गले के आभूषण और अंकुश भी सोने के होंगे और वे हाथी उन सबसे सुशोभित होंगे॥17 1/2॥
'Muni! I am giving you fourteen thousand such elephants, whose ropes, neck ornaments and goads will also be made of gold and those elephants will be decorated with all of them.॥ 17 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥