श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 51: शतानन्द को अहल्या के उद्धार का समाचार बताना,शतानन्द द्वारा श्रीराम का अभिनन्दन करते हुए विश्वामित्रजी के पूर्वचरित्र का वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.51.19 
कुशनाभसुतस्त्वासीद् गाधिरित्येव विश्रुत:।
गाधे: पुत्रो महातेजा विश्वामित्रो महामुनि:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
'कुष्णाभ के पुत्र गाधि नाम से विख्यात हुए। उन्हीं गाधि के महान तेजस्वी पुत्र ये महर्षि विश्वामित्र हैं।' 19॥
 
'Kushnabha's son was famous by the name Gaadhi. This great sage Vishwamitra, the great brilliant son of the same Gadhi, is this. 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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