श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 51: शतानन्द को अहल्या के उद्धार का समाचार बताना,शतानन्द द्वारा श्रीराम का अभिनन्दन करते हुए विश्वामित्रजी के पूर्वचरित्र का वर्णन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  1.51.18 
प्रजापतिसुतस्त्वासीत् कुशो नाम महीपति:।
कुशस्य पुत्रो बलवान् कुशनाभ: सुधार्मिक:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल में कुश नाम के एक प्रसिद्ध राजा हुए। वे प्रजापति के पुत्र थे। कुश के पराक्रमी पुत्र का नाम कुशनाभ था। वे बड़े धर्मात्मा थे॥18॥
 
‘In ancient times there was a famous king named Kush. He was the son of Prajapati. Kush's powerful son was named Kushanaabh. He was a very pious person.॥ 18॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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