श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 51: शतानन्द को अहल्या के उद्धार का समाचार बताना,शतानन्द द्वारा श्रीराम का अभिनन्दन करते हुए विश्वामित्रजी के पूर्वचरित्र का वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.51.10 
तच्छ्रुत्वा वचनं तस्य विश्वामित्रो महामुनि:।
प्रत्युवाच शतानन्दं वाक्यज्ञो वाक्यकोविदम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
शतानन्द का यह प्रश्न सुनकर बोलने की कला जानने वाले महामुनि विश्वामित्र ने बातचीत में कुशल शतानन्द को इस प्रकार उत्तर दिया - 10॥
 
Hearing this question of Shatananda, the great sage Vishwamitra, who knew the art of speaking, replied to Shatananda, who was skilled in conversation, in this way - 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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