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श्लोक 1.50.25  |
एतत् सर्वं महातेजा जनकाय महात्मने।
निवेद्य विररामाथ विश्वामित्रो महामुनि:॥ २५॥ |
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| अनुवाद |
| महात्मा राजा जनक से ये सब बातें निवेदन करके महामुनि विश्वामित्र चुप हो गए॥25॥ |
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| After requesting all these things from Mahatma King Janak, the great sage Vishwamitra became silent. 25॥ |
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इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये बालकाण्डे पञ्चाश: सर्ग:॥ ५०॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें पचासवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ५०॥ |
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