महात्मा जनक का यह प्रश्न सुनकर अत्यन्त आत्मविश्वास से भरे हुए विश्वामित्रजी बोले - 'राजन्! ये दोनों महाराज दशरथ के पुत्र हैं।'
Hearing this question of Mahatma Janak, Vishwamitraji, full of immense self-confidence, said - 'King! Both of them are the sons of Maharaj Dasharatha. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥