Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.5.15: वहाँ के महल नाना प्रकार के रत्नों से निर्मित थे। वे गगनचुंबी महल पर्वतों के समान प्रतीत होते थे। वे उस नगर की शोभा बढ़ा रहे थे। असंख्य कूटागारों (गुप्त कक्षों या स्त्रियों के क्रीड़ा-कक्षों) से युक्त वह नगरी इंद्र की अमरावती के समान प्रतीत हो रही थी। 15. | ramayan सर्ग 1.5: राजा दशरथ द्वारा सुरक्षित अयोध्यापुरी का वर्णन । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ के महल नाना प्रकार के रत्नों से निर्मित थे। वे गगनचुंबी महल पर्वतों के समान प्रतीत होते थे। वे उस नगर की शोभा बढ़ा रहे थे। असंख्य कूटागारों (गुप्त कक्षों या स्त्रियों के क्रीड़ा-कक्षों) से युक्त वह नगरी इंद्र की अमरावती के समान प्रतीत हो रही थी। 15.
The palaces there were built with various kinds of gems. Those sky-high palaces looked like mountains. They were adding a lot of beauty to that city. That city, filled with numerous Kutagars (secret rooms or women's play rooms), looked like Indra's Amaravati. 15.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥