Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.5.11: वहाँ अनेक सूत ऋचाएँ गा रहे थे और मगध वंश-वृक्षों का वर्णन कर रहे थे। वह नगरी सौन्दर्य से परिपूर्ण थी। उसकी शोभा अद्वितीय थी। वहाँ ऊँचे-ऊँचे भवन थे जिन पर ध्वजाएँ लहरा रही थीं। वह नगरी सैकड़ों शतघ्नियों (तोपों) से सुशोभित थी। | ramayan सर्ग 1.5: राजा दशरथ द्वारा सुरक्षित अयोध्यापुरी का वर्णन । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ अनेक सूत ऋचाएँ गा रहे थे और मगध वंश-वृक्षों का वर्णन कर रहे थे। वह नगरी सौन्दर्य से परिपूर्ण थी। उसकी शोभा अद्वितीय थी। वहाँ ऊँचे-ऊँचे भवन थे जिन पर ध्वजाएँ लहरा रही थीं। वह नगरी सैकड़ों शतघ्नियों (तोपों) से सुशोभित थी।
There were many Sutas reciting hymns and Magadhas recounting the genealogy. That city was full of beauty. Its splendour was unparalleled. There were tall buildings on which flags fluttered. That city was adorned with hundreds of Shataghanis (cannons).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥