Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.49.7: ‘यह अण्डकोष रहित भेड़ इसी स्थान पर आपको परम तृप्ति प्रदान करेगी। अतः जो मनुष्य आपकी प्रसन्नता के लिए अण्डकोष रहित भेड़ का दान करेंगे, उन्हें आप उस दान का उत्तम एवं पूर्ण फल प्रदान करेंगे।’ ॥7॥ | ramayan सर्ग 1.49: इन्द्र को भेड़े के अण्डकोष से युक्त करना,भगवान् श्रीराम के द्वारा अहल्या का उद्धार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अफलस्तु कृतो मेष: परां तुष्टिं प्रदास्यति।
भवतां हर्षणार्थं च ये च दास्यन्ति मानवा:।
अक्षयं हि फलं तेषां यूयं दास्यथ पुष्कलम्॥ ७॥
अनुवाद
‘यह अण्डकोष रहित भेड़ इसी स्थान पर आपको परम तृप्ति प्रदान करेगी। अतः जो मनुष्य आपकी प्रसन्नता के लिए अण्डकोष रहित भेड़ का दान करेंगे, उन्हें आप उस दान का उत्तम एवं पूर्ण फल प्रदान करेंगे।’ ॥7॥
‘This sheep without testicles will give you all the ultimate satisfaction at this very place. Therefore, those people who will donate a sheep without testicles for your happiness, you will give them the best and full result of that donation.' ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥