श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 49: इन्द्र को भेड़े के अण्डकोष से युक्त करना,भगवान् श्रीराम के द्वारा अहल्या का उद्धार  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  1.49.5 
शतक्रतोर्वच: श्रुत्वा देवा: साग्निपुरोगमा:।
पितृदेवानुपेत्याहु: सर्वे सह मरुद्‍गणै:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र के ये वचन सुनकर अग्नि आदि सभी देवता मरुद्गणों के साथ काव्यवाहन आदि पितृ देवताओं के पास जाकर बोले- 5॥
 
Hearing these words of Indra, all the gods like Agni along with Marudgana went to the ancestral deities like Kavyavahana and said - 5॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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