श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 49: इन्द्र को भेड़े के अण्डकोष से युक्त करना,भगवान् श्रीराम के द्वारा अहल्या का उद्धार  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.49.22 
रामोऽपि परमां पूजां गौतमस्य महामुने:।
सकाशाद् विधिवत् प्राप्य जगाम मिथिलां तत:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
महर्षि गौतम से उचित पूजा और सम्मान प्राप्त करने के बाद भगवान राम ऋषि विश्वामित्र के साथ मिथिलापुरी चले गए।
 
After receiving the proper worship and honour from the great sage Gautam, Lord Rama along with the sage Visvamitra went to Mithilapuri.
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये बालकाण्डे एकोनपञ्चाश: सर्ग:॥ ४९॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें उनचासवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ४९॥
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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