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ramayan 1.49.2: ‘देवताओं! मैंने महात्मा गौतम को क्रोधित करके उनकी तपस्या में विघ्न उत्पन्न किया है। ऐसा करके मैंने देवताओं का कार्य सिद्ध कर दिया है।॥2॥   |   ramayan सर्ग 1.49: इन्द्र को भेड़े के अण्डकोष से युक्त करना,भगवान् श्रीराम के द्वारा अहल्या का उद्धार   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.49.2 
कुर्वता तपसो विघ्नं गौतमस्य महात्मन:।
क्रोधमुत्पाद्य हि मया सुरकार्यमिदं कृतम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
‘देवताओं! मैंने महात्मा गौतम को क्रोधित करके उनकी तपस्या में विघ्न उत्पन्न किया है। ऐसा करके मैंने देवताओं का कार्य सिद्ध कर दिया है।॥2॥
 
‘Gods! I have angered Mahatma Gautam to create obstacles in his penance. By doing this I have accomplished the task of the gods.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)