श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 49: इन्द्र को भेड़े के अण्डकोष से युक्त करना,भगवान् श्रीराम के द्वारा अहल्या का उद्धार  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.49.11 
तदागच्छ महातेज आश्रमं पुण्यकर्मण:।
तारयैनां महाभागामहल्यां देवरूपिणीम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हे राम! अब आप पुण्यात्मा महर्षि गौतम के इस आश्रम में जाकर इस देवीरूपी महाभागा अहिल्या का उद्धार कीजिए। 11॥
 
Magnificent Shri Ram! Now you go to this ashram of the virtuous Maharishi Gautam and save this goddess-like Mahabhaga Ahalya. 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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