Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.48.22-23h: 'श्रीराम! जब इन्द्र अहिल्या के साथ समागम करके कुटिया से बाहर निकले, तो उन्हें भय हुआ कि कहीं गौतम न आ गए हों, और वे बड़ी तेजी से भागने लगे।'   |   ramayan सर्ग 1.48: मुनियों सहित श्रीराम का मिथिलापुरी में पहुँचना, विश्वामित्रजी का उनसे अहल्या को शाप प्राप्त होने की कथा सुनाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 48: मुनियों सहित श्रीराम का मिथिलापुरी में पहुँचना, विश्वामित्रजी का उनसे अहल्या को शाप प्राप्त होने की कथा सुनाना  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  1.48.22-23h 
एवं संगम्य तु तदा निश्चक्रामोटजात् तत:॥ २२॥
स सम्भ्रमात् त्वरन् राम शङ्कितो गौतमं प्रति।
 
 
अनुवाद
'श्रीराम! जब इन्द्र अहिल्या के साथ समागम करके कुटिया से बाहर निकले, तो उन्हें भय हुआ कि कहीं गौतम न आ गए हों, और वे बड़ी तेजी से भागने लगे।'
 
'Shri Ram! When Indra came out of the hut after having intercourse with Ahalya, he feared that Gautama might have arrived and tried to run away very fast. 22 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)