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ramayan 1.46.6: यदि तुम पूरे एक हजार वर्ष तक पवित्रतापूर्वक जीवित रह सको, तो मुझसे तुम्हें एक पुत्र प्राप्त होगा, जो तीनों लोकों के स्वामी इन्द्र को मारने में समर्थ होगा। ॥6॥   |   ramayan सर्ग 1.46: दिति का कश्यपजी से इन्द्र हन्ता पुत्र की प्राप्ति के लिये कुशप्लव में तप, इन्द्र का उनके गर्भ के सात टुकड़े कर डालना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 46: दिति का कश्यपजी से इन्द्र हन्ता पुत्र की प्राप्ति के लिये कुशप्लव में तप, इन्द्र का उनके गर्भ के सात टुकड़े कर डालना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.46.6 
पूर्णे वर्षसहस्रे तु शुचिर्यदि भविष्यसि।
पुत्रं त्रैलोक्यहन्तारं मत्तस्त्वं जनयिष्यसि॥ ६॥
 
 
अनुवाद
यदि तुम पूरे एक हजार वर्ष तक पवित्रतापूर्वक जीवित रह सको, तो मुझसे तुम्हें एक पुत्र प्राप्त होगा, जो तीनों लोकों के स्वामी इन्द्र को मारने में समर्थ होगा। ॥6॥
 
'If you can live with purity for a full thousand years, then you will get a son from me who will be capable of killing Lord of the three worlds, Indra.' ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)