Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.46.22-23: तब वज्रधारी इन्द्र ने हाथ जोड़कर दिति से कहा- "देवी! आपके सिर के बाल आपके चरणों का स्पर्श कर गए थे। इस प्रकार आप अपवित्र अवस्था में सोई थीं। इसी छिद्र को पाकर मैंने इस 'इंद्रहत्यारे' बालक के सात टुकड़े कर दिए हैं। अतः हे माता! कृपया मेरे इस अपराध को क्षमा करें।" | ramayan सर्ग 1.46: दिति का कश्यपजी से इन्द्र हन्ता पुत्र की प्राप्ति के लिये कुशप्लव में तप, इन्द्र का उनके गर्भ के सात टुकड़े कर डालना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब वज्रधारी इन्द्र ने हाथ जोड़कर दिति से कहा- "देवी! आपके सिर के बाल आपके चरणों का स्पर्श कर गए थे। इस प्रकार आप अपवित्र अवस्था में सोई थीं। इसी छिद्र को पाकर मैंने इस 'इंद्रहत्यारे' बालक के सात टुकड़े कर दिए हैं। अतः हे माता! कृपया मेरे इस अपराध को क्षमा करें।"
Then Indra with the thunderbolt folded his hands and said to Diti- 'Devi! The hair of your head touched your feet. Thus you slept in an impure state. Finding this hole, I have cut this 'Indra killer' boy into seven pieces. Therefore, mother! Please forgive me for this crime of mine.'
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये बालकाण्डे षट्चत्वारिंश: सर्ग:॥ ४६॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें छियालीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ४६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥