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ramayan 1.45.41: सभी दैत्य राक्षसों से मिल गए। वीर! उनके और देवताओं के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया, जो तीनों लोकों को उलझाने वाला था।   |   ramayan सर्ग 1.45: देवताओं और दैत्यों द्वारा क्षीर-समुद्र मन्थन, भगवान् रुद्र द्वारा हालाहल विष का पान, देवासुर-संग्राम में दैत्यों का संहार   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 45: देवताओं और दैत्यों द्वारा क्षीर-समुद्र मन्थन, भगवान् रुद्र द्वारा हालाहल विष का पान, देवासुर-संग्राम में दैत्यों का संहार  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  1.45.41 
एकतामगमन् सर्वे असुरा राक्षसै: सह।
युद्धमासीन्महाघोरं वीर त्रैलोक्यमोहनम्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
सभी दैत्य राक्षसों से मिल गए। वीर! उनके और देवताओं के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया, जो तीनों लोकों को उलझाने वाला था।
 
All the demons united with the monsters. Brave! A fierce battle began between them and the gods, which was going to entangle the three worlds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)