Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.45.38: ‘सुरा से रहित होने के कारण दैत्य ‘असुर’ कहलाए और सुरा का सेवन करने के कारण अदिति के पुत्र ‘सुर’ कहलाए। वारुणी को पाकर देवता हर्ष और प्रसन्नता से भर गए॥ 38॥ | ramayan सर्ग 1.45: देवताओं और दैत्यों द्वारा क्षीर-समुद्र मन्थन, भगवान् रुद्र द्वारा हालाहल विष का पान, देवासुर-संग्राम में दैत्यों का संहार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘सुरा से रहित होने के कारण दैत्य ‘असुर’ कहलाए और सुरा का सेवन करने के कारण अदिति के पुत्र ‘सुर’ कहलाए। वारुणी को पाकर देवता हर्ष और प्रसन्नता से भर गए॥ 38॥
‘Because of being devoid of Sura, the demons were called ‘Asuras’ and because of consuming Sura, the sons of Aditi were called ‘Suras’. On receiving Varuni, the gods were filled with joy and happiness.॥ 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥