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श्लोक  1.44.6 
गंगा त्रिपथगा नाम दिव्या भागीरथीति च।
त्रीन् पथो भावयन्तीति तस्मात् त्रिपथगा स्मृता॥ ६॥
 
 
अनुवाद
'गंगा इन तीन नामों से जानी जाएँगी - त्रिपथगा, दिव्या और भागीरथी। वे आकाश, पृथ्वी और पाताल में प्रवाहित होकर तीनों मार्गों को पवित्र करती हैं, इसलिए उन्हें त्रिपथगा माना जाता है।'
 
‘Ganga will be known by these three names – Tripathaga, Divya and Bhagirathi. She flows through the sky, earth and underworld, purifying all three paths, hence she is considered as Tripathaga.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)