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ramayan 1.44.4: खुपाल! जब तक इस लोक में समुद्र का जल विद्यमान रहेगा, तब तक सगर के सभी पुत्र देवताओं के समान स्वर्ग में निवास करेंगे॥4॥   |   ramayan सर्ग 1.44: ब्रह्माजी का भगीरथ को पितरों के तर्पण की आज्ञा देना, गंगावतरण के उपाख्यान की महिमा   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.44.4 
सागरस्य जलं लोके यावत्स्थास्यति पार्थिव।
सगरस्यात्मजा: सर्वे दिवि स्थास्यन्ति देववत्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
खुपाल! जब तक इस लोक में समुद्र का जल विद्यमान रहेगा, तब तक सगर के सभी पुत्र देवताओं के समान स्वर्ग में निवास करेंगे॥4॥
 
‘Khupal! As long as the water of the ocean exists in this world, all the sons of Sagara will reside in heaven like gods.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)