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ramayan 1.41.20: 'जब पतित-पावनी गंगा उन साठ हज़ार राजकुमारों को, जो राख के ढेर के रूप में गिरे हैं, अपने जल से डुबो देंगी, तो वह उन सबको एक साथ स्वर्ग भेज देंगी। पतित-पावनी गंगा के जल में भीगी हुई यह राख उन सबको स्वर्ग भेज देगी।'   |   ramayan सर्ग 1.41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  1.41.20 
भस्मराशीकृतानेतान् प्लावयेल्लोकपावनी।
तया क्लिन्नमिदं भस्म गंगया लोककान्तया।
षष्टिं पुत्रसहस्राणि स्वर्गलोकं गमिष्यति॥ २०॥
 
 
अनुवाद
'जब पतित-पावनी गंगा उन साठ हज़ार राजकुमारों को, जो राख के ढेर के रूप में गिरे हैं, अपने जल से डुबो देंगी, तो वह उन सबको एक साथ स्वर्ग भेज देंगी। पतित-पावनी गंगा के जल में भीगी हुई यह राख उन सबको स्वर्ग भेज देगी।'
 
‘When the purifying Ganga will flood the sixty thousand princes who have fallen in the form of a heap of ashes with her water, she will send them all to heaven at the same time. This mass of ashes soaked in the water of the purifying Ganga will send them all to heaven.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)