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ramayan 1.41.17: महाबली विनतानन्दन गरुड़ ने अंशुमान से कहा - 'मानसिंह! शोक मत करो। ये राजकुमार सम्पूर्ण जगत के कल्याण के लिए मारे गए हैं।॥ 17॥   |   ramayan सर्ग 1.41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.41.17 
स चैनमब्रवीद् वाक्यं वैनतेयो महाबल:।
मा शुच: पुरुषव्याघ्र वधोऽयं लोकसम्मत:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
महाबली विनतानन्दन गरुड़ ने अंशुमान से कहा - 'मानसिंह! शोक मत करो। ये राजकुमार सम्पूर्ण जगत के कल्याण के लिए मारे गए हैं।॥ 17॥
 
The mighty Vinatanandan Garuda said to Anshuman - 'Mansingh! Do not grieve. These princes have been killed for the welfare of the whole world.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)